पूछो हक़ीक़त से मुझे है गुरेज़ कैसे कैसे ??
कि देखे तेरी आँखों में फ़रेब कैसे कैसे !!

पूछो पलकें हैं अश्क़ों से लबरेज़ कैसे कैसे ??
वो ढाते भी तो सितम हैं हैरतंगेज़ कैसे कैसे !!

पूछो फीखे पड़े हैं कल के रंगरेज़ कैसे कैसे ??
हैं क़िस्मत के खेल भी तबरेज़ कैसे कैसे !!

पूछो हर घर में हैं इतने क्लेश कैसे कैसे ??
के काफ़िर भी बनके आते हैं दरवेश कैसे कैसे !!

पूछो ख़ाली है कुछ दिनों से जेब कैसे कैसे ??
हाय गुज़रे मेरे वतन से अंग्रेज़ कैसे कैसे !!