लाश मेरी हटा देना..
क़दमों के निशाँ मिटा देना..
कोई पूछे पता तो बता देना..
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।

आँखों में आँसू सब के होंगे..
तुम दोस्त मेरे दिल से रोना..
मेरी धुँधली पड़ी यादों को..
ज़ुबाँ से माँज-माँज धोना..

ख़्वाबों में आऊँ तो सुना देना..
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।

वो समेट के बिखरे पन्नों को..
ना रखना मेज़ की दराज़ में..
पढ़ लेना तुम पर मन-ही-मन..
कि छलके ना दर्द आवाज़ में..

उन्हें संग शायर के जला देना..
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।
हुई रूह हवा.. हुआ जिस्म फ़ना।