मैं मुसाफ़िर बन जाता हूँ
तुम जुस्तजू बन जाओ..
मैं गुलाब बन जाता हूँ
तुम ख़ुशबू बन जाओ..

मैं कोशिश बन जाता हूँ
तुम आरज़ू बन जाओ..
मैं जिस्म बन जाता हूँ
तुम आबरू बन जाओ..

मैं ताल बन जाता हूँ
तुम घुँघरू बन जाओ..
मैं आँख बन जाता हूँ
तुम आँसू बन जाओ..

जो तआरुफ़ होगा तो वही एक आख़िरी होगा..

मैं कलम बन जाता हूँ
तुम लहू बन जाओ..
मैं ज़ुबाँ बन जाता हूँ
तुम उर्दू बन जाओ..